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भ्रष्टाचार पर हिंदी में निबंध |


"भ्रष्टाचार एक अभिशाप"


प्रस्तावना
नमस्कार मैं अमन कुमार, हम आज भ्रष्टाचार पर चर्चा करेंगे कि कैसे भ्रष्टाचार हमारे देश को बर्बाद कर रहा है| हमारे पास साधन होते हुए भी हम उसका पूरी तरह से उपयोग नहीं कर पा रहे हैं| भ्रष्टाचार बिल्कुल एक दीमक की तरह है जो हमारे देश को अंदर से खोखला बनाते जा रहा है और इसी वजह से हमारा देश सही तरीके से विकसित नहीं हो पा रहा है|भ्रष्टाचार ने सर्वाधिक असर हमारे आर्थिक विकास पर किया है| भ्रष्टाचार की वजह से हमारा आर्थिक विकास बहुत ही धीरे हो चुका है| भ्रष्टाचार हमारे देश में बहुत ही स्पीड से बढ़ रहा है जिसे रोकना बहुत ही जरूरी है वरना हमारे देश में भ्रष्टाचार की वजह से आर्थिक मंदी भी हो सकती है|


भ्रष्टाचार का अर्थ
भ्रष्टाचार दो शब्द से मिलकर बना है पहला भ्रष्ट दूसरा आचार(भ्रष्ट+आचार) मतलब भ्रष्टाचार| भ्रष्ट का अर्थ हुआ बुरा या बिगड़ा हुआ एवं आचार का अर्थ हुआ आचरण अर्थात भ्रष्टाचार का अर्थ हुआ वह आचरण जो किसी भी प्रकार से अनैतिक या अनुचित हो|


भ्रष्टाचार का दुष्प्रभाव
भ्रष्टाचार इस प्रकार हमारे देश पर हावी हो चुका है जैसे कि एक मकड़ी अपने घर के लिए जाला बुनती है ठीक उसी प्रकार भ्रष्टाचार ने हमारे देश में अपना जाल बुन चुका है और लोग अपने निजी फायदे के लिए इसमें फसते जा रहे हैं जिसका असर यह हो रहा है कि हमारे देश के विकास की रफ्तार धीमी हो चुकी है, और अगर समय रहते भ्रष्टाचार को नहीं रोका गया तो हमें बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है|


भ्रष्टाचार के कारण
वैसे भ्रष्टाचार के अनेकों कारण है लेकिन मैं यहां आपको कुछ मुख्य कारण के बारे में बताऊंगा|

"मन की खोट"- प्रथम कारण है "मन की खोट" जब मनुष्य के मन में खोट आ जाती है जब उन्हें सिर्फ और सिर्फ धन की ही अपेक्षा होती है तब वह भ्रष्टाचार करते हैं और दूसरे को तकलीफ पहुंचाते हैं खुद के मुनाफे के लिए|

"कमजोर सरकारी कानून"- भ्रष्टाचार का दूसरा मुख्य कारण है हमारे देश की कानून व्यवस्था| हमारे देश में जब भी कोई घोटाला करता है भ्रष्टाचार करता है तो वह बहुत ही आसानी से कोई कानूनी दांवपेच खेलकर बच जाता या फिर सरकारी कर्मचारी को घूस देकर वह बच जाता है|

"उच्य पद"- तीसरा कारण है भ्रष्टाचार का "उच्य पद", बहुत से ऐसे लोग हैं जिन्हें उच्य पद चाहिए होता है बिना कोई मेहनत किए| बस अपनी एक इच्छा के लिए वह भ्रष्ट काम कर बैठते हैं या फिर भ्रष्ट रास्ते पर चल पड़ते हैं जो उन्हें कम समय में उच्च पद हासिल करा देता है लेकिन वह सोसाइटी से अपना सारा मान सम्मान खो बैठते हैं और भ्रष्टाचारी कहलाते हैं और ऐसे भ्रष्टाचारी दंड के पात्र हैं|

"दिखावे"- चौथा कारण है भ्रष्टाचार का "दिखावा"वह अपने आप को दूसरे के सामने  बहुत बड़ा साबित करना चाहते हैं, और खुद को बड़ा साबित करने के लिए वह भ्रष्टाचार कर बैठते हैं लेकिन वह इस दिखावे में भ्रष्टाचारी बन जाते हैं|


भ्रष्टाचार के प्रकार
भ्रष्टाचार के बहुत प्रकार हैं उनमें से मैं आपके सामने कुछ प्रकार रखना चाहूंगा
​ *टैक्स चोरी
​ *शिक्षा में रुपयों का गलत लेन दे
​ *वोटों की हेरा फेरी
​ *जबरन टैक्स वसूलना
यह कुछ प्रकार के भ्रष्टाचार हैं जो हमारे देश में बढ़ता ही जा रहा है और हमारे देश को अंदर से कमजोर बना रहा है|
कुछ प्रमुख घोटाले
​ *जीप खरीदी [1948]
​ *साइकिल आयात [1951]
​ *बोफोर्स घोटाल [1987]
​ *चारा घोटाला [1996]
 * कॉमनवेल्थ गेम घोटाला [2011]
 * कोयला घोटाला [2004 -2009]


भ्रष्टाचार का दुष्प्रभाव
भ्रष्टाचार हमारे देश पर अपना दुष्प्रभाव इस प्रकार छोड़ा है कि लोग पैसों के लिए लालची हो चुके हैं| वह सिर्फ अपना स्वार्थ देखते हैं,और भ्रष्टाचार का असर यू है कि सरकारी दफ्तर से लेकर निजी दफ्तर (कार्यालय)सभी जगह लोग बस पैसों के लिए भाग रहे हैं|गलत तरीके से उच्च पद पाना चाह रहे हैं| इन सबकी वजह  भ्रष्टाचार है जो कि दीमक की तरह फैल रहा है और पूरे सिस्टम को बर्बाद कर रहा है|


भ्रष्टाचार रोकने के उपाय
भ्रष्टाचार को मिटाना अति आवश्यक है और भ्रष्टाचार मिटाने के कुछ उपाय निम्नलिखित हैं-
​"कानून व्यवस्था":- अगर हमें हमारे देश से भ्रष्टाचार को समाप्त करना है तो सबसे पहले हमारे देश के कानून व्यवस्था को सख्त होना होगा क्योंकि बिना कानून व्यवस्था को सख्त हुए हम भ्रष्टाचार से निपट नहीं सकते|
​"दरिद्रता/लालच":- अगर हमें हमारे देश को भ्रष्टाचार से मुक्त करना है तो सबसे पहले लोगों को अपने मन से लालची पन को दूर करना होगा उन्हें खुद को बदलना होगा क्योंकि पहले खुद को बदलेंगे तभी हमारा देश बदलेगा और हम भ्रष्टाचार से तभी लड़ सकेंगे|
​"इंसानियत"- हमें हमारे देश से भ्रष्टाचार समाप्त करने  के लिए सबसे जरूरी है इंसानियत को जगाना जब हमारे देश के लोगों में इंसानियत जाग जाएगी तो लोग खुद ब खुद भ्रष्टाचार का बहिष्कार करेंगे और एक दूसरे की मदद करेंगे|

सरकार ने भी बहुत सारे कदम उठाएं हैं इस भ्रष्टाचार से निपटने के लिए वह कुछ कदम इस प्रकार हैं-
​*कानून व्यवस्था को शक्त किया जा रहा है|
​*सारे चीज को डिजिटल किया जा रहा है|
​*जो धन गैरकानूनी तरह से देश के बाहर गए हैं उन्हें देश के अंदर लाया जा रहा है|


उपसंहार
भ्रष्टाचार एक बीमारी जैसी है जो कि एक बार लग गई तो बिना दवाई लिए नहीं छूटने वाली ठीक उसी प्रकार हमारे देश को भी भ्रष्टाचार की बीमारी लग चुकी है और अब हमारे देश को दवाई की जरूरत है ताकि हमारे देश से भ्रष्टाचार नामक बीमारी खत्म हो सके और इस बीमारी को खत्म करने के लिए हमें हमारे देश की मदद करनी होगी|

"भ्रष्टाचार को भगाना है हमें हमारे    देश को  बचाना है"
                             धन्यवाद

           जय हिंद जय भारत|






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