MOBILE "THE GAME CHANGER"
||जब जागो तब सवेरा||
नमस्कार मैं अमन कुमार वैसे पेशे से मैं एक विद्यार्थी हूं लेकिन थोड़ी मोडी इस सोसाइटी पर लिख लेता हूं तो मैं आज बात करने जा रहा हूं "मोबाइल द गेम चेंजर" के विषय मे तो अब आप सोचेंगे इसका मतलब क्या है मैं आज आपको मोबाइल के बारे में कुछ बताऊंगा जैसे कि वह कैसे हमारे बच्चे या हमारे युवा पर असर कर रहा है मतलब मैं एक तरह से आज आपको मोबाइल के उपयोग तथा दुरुपयोग के बारे में बताऊंगा|
तो चलिए शुरू करते हैं सबसे पहले मैं आपको थोड़ी सी मोबाइल की जानकारी दे दूं कि मोबाइल किसने बनाया और कब बनाया सबसे पहले मोबाइल का निर्माण JOHN-F-MITCHELL एवं MARTIN COOPER के द्वारा किया गया था जो कि एक मोटरोला नामक फोन था और इसका निर्माण 1973 में हुआ था| यह थी मोबाइल फोन की जानकारी अब आइए हम अपने मुद्दे पर आते हैं कि कैसे एक फोन जिसे आज के जमाने में स्मार्टफोन भी कहा जाता है कैसे हमारे बच्चे एवं युवा के जीवन पर असर कर रहा है आज के जमाने में कुल 3.5 बिलियन लोग पूरे विश्व में मोबाइल फोन का प्रयोग करते हैं जिसमें हमारा देश काफी ऊपर आता है मोबाइल के प्रयोग में|
मैं यह नहीं कहता हूं कि मोबाइल का प्रयोग करना गलत है लेकिन मोबाइल का अत्यधिक प्रयोग करना बहुत ही हानिकारक है| मोबाइल हमारी बहुत तरह से मदद करती हैं जैसे
(1)कॉल हो गया आज से कुछ साल पहले जब हमारे यहां फोन की सुविधा नहीं हुआ करती थी तब लोगों को अपनी बात दूसरे लोगों तक पहुंचाने में काफी समय लग जाता था उन्हें अपनी बात पोस्ट कार्ड के द्वारा बताना पड़ता था जिसमें 7 से 8 दिन लग जाते थे या उससे और अधिक ही लगती थे दूसरे तक पहुंचने में लेकिन आज के जमाने में फोन के होते हुए इतनी मुश्किलात नहीं आती है लोग यू चुटकी बजाकर एक दूसरे से बात कर लेते हैं लेकिन क्या आपको पता है फोन पर ज्यादा बात करने से हमें बहुत सारी परेशानियां बहुत सारी बीमारियां हो सकती है जैसे ब्रेन कैंसर जैसी घातक बीमारी का हमें सामना करना पड़ सकता है और मोबाइल फोन पर अत्यधिक बात करने से बेहतर है आमने सामने बैठ कर बात कर ले जिससे हमारी परेशानियों का निवारण तुरंत निकल आए
(2)मोबाइल फोन हमें हमारे शरीर की जानकारियां भी देता है जैसे हमारा शरीर स्वस्थ है या नहीं है, हमें रोज कितना चलना चाहिए, दौड़ना चाहिए, कितना पानी पीना चाहिए सब की जानकारियां भी देता है लेकिन मोबाइल फोन का अत्यधिक प्रयोग नुकसानदेह है जैसे आजकल के बच्चे वह चाहे 4 साल के हो या कोई नौजवान 20 साल 25 साल या 30 साल का हो सभी को मोबाइल फोन की लत लग चुकी है वह फोन के बिना एक पल नहीं रह सकते जो कि बहुत गलत है आजकल के छोटे-छोटे बच्चे जिन्हें बाहर निकलकर तरह-तरह के खेल खेलना चाहिए वह घर पर बैठकर वीडियो गेम्स खेल रहे हैं या कोई ऐसी चीज देख रहे हैं जो उन्हें नहीं देखनी चाहिए और जो उनके मानसिक स्थिति से दुर्बल बना देगी और इसके जिम्मेवार उनके माता-पिता होंगे क्योंकि उन्हें अपने बच्चों को समझाना चाहिए की मोबाइल उनके लिए सही नहीं है उनके सेहत के लिए सही नहीं है उन्हें अपने बच्चों को मोबाइल से दूर रखना चाहिए उन्हें अपने बच्चों के साथ समय बिताना चाहिए ताकि बच्चे का ध्यान मोबाइल पर ना जाए और वह कोई अच्छे खेल खेलें जिससे उनका शरीर अच्छा हो और मानसिक बुद्धि भी अच्छी हो ताकि उन्हें पढ़ाई में मन लगे जिससे वह आगे कुछ अच्छा कर सके, ना कि अपने बच्चों को मोबाइल देकर खुद में व्यस्त हो जाए और अगर बच्चे नहीं समझते तो उन्हें समझाना चाहिए और नहीं समझे तो कभी-कभी माता-पिता को कठोर कदम भी उठाना चाहिए अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए एवं उन्हें अच्छी किताबें पढ़कर सुनानी चाहिए ताकि उनके अंदर एक पॉजिटिविटी आए और वह बचपन से ही अपने काम को लेकर निष्ठावान बने और अपने माता-पिता का नाम रोशन करें और आजकल के नौजवान जिन्हें आगे जाकर देश का नाम रोशन करना है वह मोबाइल फोन लेकर बैठे हुए इस मोबाइल के चक्कर में लोग अपने जीवन के लक्ष्यों को भूल चुके हैं और मोबाइल डिप्रेशन का बहुत बड़ा कारण है भी है|
(3) मोबाइल फोन की एक अच्छी चीज यह है कि उसमें आज के समय हम कुछ भी सीख सकते हैं| यह एक बहुत बड़ा अवसर है कि उन लोगों के लिए जिनके पास काम नहीं है वह मोबाइल से कुछ भी सीख सकते हैं लेकिन आज के युवा की परेशानी यह है उनका मन एकाग्रता से कुछ भी नहीं कर पाता और इसका यह भी कारण है मोबाइल अब आप बोलेंगे वह कैसे तो वह ऐसे कि हमारे फोन से बहुत सी चीजें हैं पढ़ने की और बहुत सी चीजें हैं ना पढ़ने की और कहते हैं ना लोगों का ध्यान उस तरफ ज्यादा रहता है जिस तरफ नहीं होना चाहिए इसी वजह से उनका ध्यान बिगड़ता है और वह अपनी एकाग्रता खो देते हैं और वह चाहकर भी कुछ कर नहीं पाते रात रात भर जग कर मोबाइल चलाते हैं यह कोई बुद्धिमता वाली काम नहीं है इसी वजह से एक युवा एवं एक विद्यार्थी जो कुछ करने का सपना सजाया रहता है अपने माता पिता एवं गुरु का सपना सच करने का सोचा रहता है वह सब खत्म होता जाता है और अंत में वह हार मान लेते हैं और बैठ जाते हैं लेकिन अगर आप अपना ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं अपने जीवन में सफलता चाहते हैं तो सबसे पहले मोबाइल का सदुपयोग सीखे और योगा एवं मेडिटेशन जरूर करें सफलता जरूर आपको मिलेगी मैं अपने आर्टिकल के द्वारा यही कहना चाहूंगा कि मोबाइल का सदुपयोग करें ना की दुरुपयोग|
धन्यवाद
जय हिंद जय भारत

Doing great bro...
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